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Thursday, November 27, 2008

Just My Anger !!!


इस मातम-ऐ-दुनिया में अमन-ऐ-जहाँ भी नहीं, अमन-ऐ-दिल भी नहीं |

अमन के कातिलों से कह दो उनका यह जहां भी नहीं, वो जहाँ भी नहीं ||

मजहबी नहीं काफिर ही सहीं मैं,

यह जो हैं वो तो इंसान भी नहीं, हैवान भी नहीं ||

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